धर्म

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धर्म , धर्म , धर्म का गुणगान है
लेकिन धर्म का मर्म किसने जाना है

चलता यहां व्यापार धर्म के नाम पर
हॅसने लगा शैतान भी इंसान के नाम पर

यहां होता उपचार मन्त्रों के जाप से
ठगने वालों की कमी नहीं संजीवनी के नाम पर

सत्ता भी चले यहां धर्म के बोलबाले पे
राजनेताओं ने ही फूट डाली अपनों के नाम पर

यहां आतंक जन्म लेता धर्म के नाम पर
जानवरों का भी हुआ बंटवारा धर्म ही के नाम पर

चमत्कारी बाबा रोज जन्मते जादूगर के भेष में
विविआइपी टैग है स्वामी जी के नाम पर !

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