बचपन की बारिश

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पहली बारिश
मिट्टी की वो सौंधी खुशबू ,
कीचड़ में छपछपाहट
और छत के पानी से नहाना
न जाने क्यों लगे बरसों पुराना !

वो अमीरी
जब तैरती थे हमारे जहाज़ ,
सात रंगों का धनुष
जिसे देख़ मन का खिलखिला उठना !

अचानक
सब नीरस हो गया ,
आई जवानी
और वो बचपन ओझल हो गया !

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